शिक्षक के लिए सभी बच्चे समान होते हैं ।हमें वर्गकक्ष का निर्माण इस प्रकार से करना चाहिए जिसमें बालक/बालिकाएं सहज महसूस करें, शुद्ध वातावरण का निर्माण हो, साथ ही special needs वाले विद्यार्थियों को वर्गकक्ष तक आने जाने बैठने देखने आदि में परेशानी न हो ।
एक शिक्षक होने के नाते अपने वर्ग कक्ष में बच्चों में बिना भेदभाव किए उन्हें सहज रूप से कक्षा में बैठाना चाहिए और समान रूप से चाहे वह लड़का हो या लड़की उनकी दक्षता ह के हिसाब से शिक्षा प्रदान करनी चाहिए
एक शिक्षक को शिक्षण-अधिगम के क्रम में सभी छात्रों के सुविधा का ख्याल रखा जाना चाहिए।किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।तभी समावेशी कक्षा का उद्देश्य पूरा हो सकता है।
हमें वर्गकक्ष का निर्माण इस प्रकार से करना चाहिए जिसमें बालक/बालिकाएं सहज महसूस करें, शुद्ध वातावरण का निर्माण हो, साथ ही special needs वाले विद्यार्थियों को वर्गकक्ष तक आने जाने बैठने देखने आदि में परेशानी न हो । शिक्षक के लिए सभी बच्चे समान है इसलिए बच्चों में कोई भेदभाव नहीं की जानी चाहिए।एक शिक्षक को शिक्षण अधिगम के रूप में सभी छात्रों की सुविधा का ख्याल रखा जाना चाहिए सभी समावेशी कक्षा के उद्देश्य की पूर्ति हो सकेगा।
शिक्षक के लिए सभी बच्चे समान है इसलिए बच्चों में कोई भेदभाव नहीं की जानी चाहिए।एक शिक्षक को शिक्षण अधिगम के रूप में सभी छात्रों की सुविधा का ख्याल रखा जाना चाहिए सभी समावेशी कक्षा के उद्देश्य की पूर्ति हो सकेगा।
शिक्षक को शिक्षण-अधिगम के क्रम में सभी छात्रों के सुविधा का ख्याल रखा जाना चाहिए।किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।तभी समावेशी कक्षा का उद्देश्य पूरा हो सकता है।
एक शिक्षक के रूप में कक्षा में सभी विद्यार्थी को समान रूप से दिखना चाहिए किसी प्रकार का लिंग भेद दिया उसी कोई भेदभाव नहीं करनी चाहिए सभी बच्चों को एक समान रूप से व्यवहार करना चाहिए वर्ग कक्षा का संचालन करते समय लड़का या लड़की मैं बिना भेदभाव किए हुए बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को विद्यालय आने तथा बैठने की विशिष्ट व्यवस्था होनी चाहिए
शिक्षक को शिक्षण-अधिगम के क्रम में सभी छात्रों के सुविधा का ख्याल रखा जाना चाहिए।किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।तभी समावेशी कक्षा का उद्देश्य पूरा हो सकता है।
एक शिक्षक के रूप में कक्षा में सभी विद्यार्थी को समान रूप से दिखना चाहिए किसी प्रकार का लिंग भेद दिया उसी कोई भेदभाव नहीं करनी चाहिए सभी बच्चों को एक समान रूप से व्यवहार करना चाहिए वर्ग कक्षा का संचालन करते समय लड़का या लड़की मैं बिना भेदभाव किए हुए बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को विद्यालय आने तथा बैठने की विशिष्ट व्यवस्था होनी चाहिए
एक शिक्षक के रूप में कक्षा में सभी विद्यार्थी को समान रूप से दिखना चाहिए किसी प्रकार का लिंग भेद दिया उसी कोई भेदभाव नहीं करनी चाहिए सभी बच्चों को एक समान रूप से व्यवहार करना चाहिए वर्ग कक्षा का संचालन करते समय लड़का या लड़की मैं बिना भेदभाव किए हुए बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को विद्यालय आने तथा बैठने की विशिष्ट व्यवस्था होनी चाहिए
एक शिक्षक के रूप में कक्षा में सभी विद्यार्थी को समान रूप से दिखना चाहिए किसी प्रकार का लिंग भेद दिया उसी कोई भेदभाव नहीं करनी चाहिए सभी बच्चों को एक समान रूप से व्यवहार करना चाहिए वर्ग कक्षा का संचालन करते समय लड़का या लड़की मैं बिना भेदभाव किए हुए बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को विद्यालय आने तथा बैठने की विशिष्ट व्यवस्था होनी चाहिए
शिक्षक के लिए सभी बच्चे समान होते हैं ।हमें वर्गकक्ष का निर्माण इस प्रकार से करना चाहिए जिसमें बालक/बालिकाएं सहज महसूस करें, शुद्ध वातावरण का निर्माण हो, साथ ही special needs वाले विद्यार्थियों को वर्गकक्ष तक आने जाने बैठने देखने आदि में परेशानी न हो ।
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ReplyDeleteMulttiligualism is a resource. It helps us to understand the diversity of our country. It enables students to realize the diverse culture our nation
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ReplyDeleteएक शिक्षक के रूप में कक्षा में सभी विद्यार्थी को समान रूप से दिखना चाहिए किसी प्रकार का लिंग भेद दिया उसी कोई भेदभाव नहीं करनी चाहिए सभी बच्चों को एक समान रूप से व्यवहार करना चाहिए वर्ग कक्षा का संचालन करते समय लड़का या लड़की मैं बिना भेदभाव किए हुए बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को विद्यालय आने तथा बैठने की विशिष्ट व्यवस्था होनी चाहिए
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Teachers ko student ke sabhi jarurete ka khyal rakhna chahiye
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ReplyDeleteGood content.
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